Health

Health Camp Program

With joint efforts of institutes, employers and physicians health camps were organized in Patna Urban Slum. In these camps, children, women and elderly people from the neighbouring slum areas were examined. Dr. Ashok Rajpath and Dr. Mahabir Vatsalya from Magadh Hospital, Nala Road, Patna participated in the camp. Patients presented at the camps were also provided with medication along with free health check-up. All these medicines were made available by the institutes and physicians. During the camp, Blood tests and Blood pressure of the patients were examined by Dr. Asha Kumari from Department of Biochemistry, Indira Gandhi Institute of Medical Sciences, Patna. Most of the patients were diagnosed with skin diseases, scabies, itching, fever, stomach ache, head ache and ear pain during the tests and were prescribed for medication and treatment in hospitals accordingly. A lot of women were diagnosed with diseases like Anemia and Leucorrhoea which is fatal for their health. According to the physicians, Malnutrition is the prime cause for ill-health among Dalits and is observed mostly in children. Tuberculosis and Diarrhea are also common diseases in the community which are mainly caused due to lack of saltiness in the food. Apart from this, poverty, rearing of cattle in the same household, drinking unclean water, cleanliness etc. contribute to the factors behind poor health. 

 

मदद संस्थान, एम्पलाॅयर्स, चिकित्सकों के संयुक्त प्रयास से पटना अरबन स्लम मेें स्वास्थ्य षिविरों का आयोजन किया गया। इस षिविर में स्लम एरिया में रहने वाले बच्चों, महिलाएं, व बुजुर्गोंं की जांच की गई। षिविर आयोजन में मगध अस्पताल, नाला रोड, पटना, पीएमसीएच, अषोक राजपथ, पटना, महाबीर वात्सल्य, कुर्जी, पटना के चिकित्सकों ने भाग लिया। षिविर में उपस्थित रोगियों की शारीरिक जांच के साथ दवाएं भी दी गई। यह सभी दवाएं संस्थान एवं चिकित्सकों के द्वारा उपलब्ध कराया गया था। विषेषकर इस स्वास्थ्य षिविर में ब्लड एवं रक्तचाप आदि की जांच श्रीमती आषा कुमारी, बायोकेमेस्ट्री, इन्दिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, शेखपुरा, राजा बाजार, पटना, बिहार ने किया। जांच षिविर के दौरान ज्यादातर लोगों में चमड़ें की बीमारी, खाज-खुजली, बुखार, पेट दर्द, सिर दर्द, कान दर्द की षिकायतें थी जो जांच के बाद दवाएं एवं अस्पताल में इलाज हेतु सलाह दिये गये। चिकित्सकों ने जांच षिविर के दौरान यह भी बातें दुहराई कि दलितों के खराब स्वास्थ्य का मुख्य कारण है कुपोषण है। आज दलित समुदाय के ज्यादातर बच्चे कुपेाषण के षिकार है। दलितों में तपेदिक एवं डायरिया आम बिमारी है। यह बीमारी भोजन में पौष्ठिकता की कमी की वजह से होती है। इसके अलावा छोटा घर, मवेषियों एवं मनुष्यों का साथ रहना, साफ पानी नहीं पीना, साफ-सफाई इत्यादि इसके मुख्य कारण हंै। महिलाआंे में ल्यूकोरिया, अनिमिया की कमी भी आम हो गई है इसे हमें गंभीरता से लेना चाहिए।