Education

Public Hearing on SMC in Buxar

NCI affiliated 8 government and 2 private schools from two blocks were surveyed during a special procedure. The workers worked in a schematic way to fulfill the objectives of the program. We are aware of the struggles for education rights which were implemented in our country in 2009 and provide children aged between 6-14 years with free and compulsory education.

 

एनसीई द्वारा निर्देषित दो प्रखण्ड़ों केे 10 विद्यालय जिसमें 8 सरकारी व 2 निजी विद्यालय शामिल थे का एक विषेष प्रक्रिया के तहत सर्वेक्षण/जानकारी एकत्रित की गई। इस कार्यक्रम के उद्देष्यों को पूरा करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया गया जिसमें कई कार्यकर्ताओं ने अपनी भूमिका को बखुबी अंजाम दिया। 
जैसा कि हमें विदित है, लंबे संघर्ष के बाद षिक्षा का अधिकार कानून 2009 हमारे देष में लागू है जो 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों को उसके बुनियादी षिक्षा का मौलिक अधिकार की बात करता है जिसमें 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों को मुफ्त एवं अनिवार्य षिक्षा प्रदान करता है। साथ ही यह कानून विद्यालय में शत-प्रतिषत बच्चों का नामांकन, कोई शुल्क देय नहीं , अनामांकित व छीजित बच्चों के उम्र के अनुसार कक्षा में नामांकन करना, प्रवेष हेतु जन्म प्रमाण पत्र एवं स्थानान्तरण पत्र की बाध्यता नहीं, माता-पिता के शपथ पत्र के आधार पर नामांकन की सुविधा मुहैया कराना, किसी भी बच्चे को किसी कक्षा में रोके रखने एवं 8वीं तक फेल नहीं करना, बच्चों को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित नहीं करना, बच्चों को अपने पड़ोस में ही 1-5 तक की पढ़ाई के लिए प्राथमिक विद्यालय 1 किलोमीटर एवं 6ं-8 तक बच्चों के लिए 3 किलोमीटर के परिधि में विद्यालय की स्थापना करना, निजी विद्यालयों मंे षिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 12, 1 ब के तहत् 25 प्रतिषत दलित व अभिवंचित बच्चों का नामांकन लेने का प्रावधान दिया गया है।
परंतु क्या उपरोक्त प्रावधान कानून के दायरे में रखकर पूरे किये जाते हैं? क्या विद्यालय षिक्षा समिति का गठन षिक्षा के अधिकार अधिनियम के विषेष प्रकियाओं के तहत किया गया है तथा क्या समिति अपनी भूमिकाओं का निर्वहन प्रभावी रूप से कर पाती है? क्या विद्यालय षिक्षा समिति अपने विद्यालय के विकास के लिए संबंधित सदस्यों के साथ मिलकर योजना का निर्माण एवं क्रियान्वयन का कार्य करती है? इन सारे प्रष्नों के जवाब एवं कानून को जमीनी हकीकत में कार्यान्वयन के लिए 12 विद्यालयों का सर्वेक्षण किया गया। जिसमें 10 सरकारी व 2 निजी विद्यालय शामिल थे। यह प्रकिया सुबह 8 बजे से लेकर 4 बजे तक चलायी गई। ताकि यह पता चल सके कि विद्यालय समय पर  खुलता है या नहीं। यदि समय पर  खुलता है तो क्या सभी षिक्षक समय पर आते एवं जाते हैं? यदि समय पर आ गये तो क्या वे गुणवत्तापूर्ण षिक्षा देते हैं या इसके लिए कुछ पहल करते हैं? क्या षिक्षक बच्चों को प्रताड़ित या भेदभाव तो नहीं करते हैं या वैसा वातावरण का निर्माण तो नहीं करते हंै? इसके लिए 12 विद्यालय को चुना गया। सर्वेक्षण किया गया। सर्वेक्षण के दौरान विभिन्न हितभागियांे से उनकी समस्याओं एवं षिकायतों को लिखित  रूप से दस्तावेज तैयार किया गया जिसमें हल्फनामा,  शपथ पत्र, आवेदन पत्र, विडियांेग्राफी आदि लिया गया। प्राप्त आंकड़ों के संग्रहण के बाद विष्लेषण करते हुए जनसुनवाई हेतु प्रपत्र तैयार किया गया एवं  प्रस्तुत किया गया।