Education

SMC Training

A coalition of two national level associations of primary and secondary education Madad (Society for Mobilisation of Action for Dalit Advocacy and Development) and NCE, New Delhi (National Coalition for Education) with its joint efforts organized a non-residential training program at Dumka of Buxar district for 2 days to provide 2 day-schools with inclusive education, equitable partnerships and school development planning. 283 members from 80 schools of both Dumka (Buxar dist.) and Bihiya (Bhojpur dist.) participated in this training. According to the participants, the training proved to be useful and informative.

Training on topics such as the process of formation of school education committee, grievance redressal system, committee meetings and involvement, inclusive education, equal participation, school development planning, identification and nomination of displaced children, nomination of out-of-school children and topics related to discrimination in schools etc. was given in the program.

According to Prof. Aftab Aalam and Prof. Jai Prakash, topics like inclusive education, quality education and committee work, rights and obligations were specially talked upon in this training. The participants were not aware of anything about the committee. But after the training, everyone made their school development plans from their level of understanding. In addition, participants said that based on the information they have received from the training, their committee will monitor the teachers for regular and timely arrival. They will focus on quality education and mid-day meals. With the received income, supervising the school’s operation will help in the other developmental activities of the school. Chanda Kumari, Secretary Mukulraj, Program Coordinator and class activist Hishranraj and Santosh Kumar were of a great support to the program.

 

मदद (सोसाईटी फाॅर मोबिलाईजेषन आॅफ एक्षन फाॅर दलित एडवोकेसी एण्ड डेवलपमेंट) एवं नेषनल कोएलीषन फाॅर एजुकेषन (एनसीई, नई दिल्ली) जो राष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिक एवं माध्यमिक षिक्षक संघों को कोएलींषन है के संयुक्त प्रयास से दो दिवसीय विद्यालयों में समावेषी षिक्षा, समान भागीदारी और विद्यालय विकास योजना निर्माण हेतु दो दिवसीय गैर आवासीय प्रषिक्षण कार्यक्रम का आयोजन बक्सर जिला के डुमरांव प्रखण्ड के 40 एवं भोजपुर जिला कि बिहिया प्रखण्ड के 40 विद्यालयों मे गठित स्कूल षिक्षा समिति के सदस्यों को दिया गया। इस प्रषिक्षण में दोनों जिलो के कुल 80 विद्यालयों के 283 सदस्यों, जैसे षिक्षक, अध्यक्ष, सचिव, सदस्य व अभिभावकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों के अनुसार प्रषिक्षण काफी जानकारीपूर्ण व उपयोगी रहा।

    प्रषिक्षण में विषेष रूप से विद्यालय षिक्षा समिति के गठन की प्रक्रिया, षिकायत निवारण प्रणाली, समिति की नियमित बैठक एवं समुदाय की भागीदारी, समावेषी षिक्षा, समान भागीदारी, विद्यालय विकास योजनना निर्माण, छीजित बच्चों की पहचान एवं नामांकन, विद्यालय से बाहर रहने वाले बच्चों का नामांकन, विद्यालयों में होने वाले भेदभाव आदि विषयों पर प्रषिक्षण दिया गया।

    प्रषिक्षक मो0 अफताब आलम, जय प्रकाष के अनुसार इस प्रषिक्षण में विषेष रूप से समावेषी षिक्षा, गुणवत्तापूर्ण षिक्षा एवं समिति के कार्य, अधिकार व दायित्व पर विषेष चर्चा की गई। प्रतिभागियों में समिति के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। वे गठन की प्रक्रिया, अपने अधिकार, कर्तव्य, विद्यालय विकास योजना के बारे में नहीं जानते थे। परंतु प्रषिक्षणोंपरांत सभी ने अपने स्तर से अपने विद्यालय विकास योजनाओं का निर्माण किया। साथ ही प्रतिभागियों ने एक स्वर में कहा कि प्रषिक्षण से हमें जो जानकारी प्राप्त हुई है उसके आधार पर हमारी समिति षिक्षकों को नियमिति एवं समय पर आने हेतु निगरानी करेगी। गुणवत्तापूर्ण षिक्षा एवं  एवं मध्याह्न भोजन पर विषेष हमें ध्यान देना होगा । विद्यालय के संचालन की देख-रेख, प्राप्त आय के उपयोग के साथ विद्यालय के अन्य विकासात्क कार्यों में आपेक्षित सहयोग करेगी।
प्रषिक्षण कार्यक्रम में चंदा कुमारी, सचिव मुल्कराज, कार्यक्रम समन्वयक एवं श्रेत्रीय कार्यकर्ता हसंराज व संतोष कुमार ने भरपूर सहयोग प्रदान किया जिससे प्रषिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सका।